Thursday, January 13, 2011

काव्ययोगी किशोर कल्पनाकांत रै जलम दिवस उपरां आयोजित कविसमेलन मायं ख्यातनाम कवि अर गीतकार दुरगादान सिंह गौड़ रो ओ गीत खूब साराईज्ग्यो . कविसमेलन २००७ मायीं हुयों

1 comment:

  1. व्हाला भाई लीटू कल्पनाकांत जी
    मोकळी ओळ्यूं अर रामाश्यामा !

    आज अचाणचक आपरौ ब्लॉग देख'र घणो हरख हुयो , फॉलो भी हाथोंहाथ कर लियो हूं अर लगभग सैंग पोस्टां पढ ली । दुर्गादानजी री रचना सरावणजोग है ।
    इण कविसम्मेलन में म्हैं भी सरीक हो , बैठ्यो निज़र भी आवूं हूं … :)
    म्हारी रतनगढ़ री यादां ताज़ी हुयगी । इण पछै भी म्हनैं थे दो बार बुलायो … कार्यक्रमां री ऑडियो सीडी भी बीकानेर आया जद दी ही …

    मा'सा नैं म्हारा घणैमान पगै लागणा कईजो !

    ~*~ हार्दिक बधाई अर मंगलकामनावां !~*~
    शुभकामनावां सागै आपरौ
    - राजेन्द्र स्वर्णकार

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