Friday, October 29, 2010

                   मायड़ भासा सारु
पूत कपूत बाया डोले अ  मायड़ रो घर बासे कूँ

आंधा ऱी इण नगरी मै बगया राजा चोपट जी 
बाँदर बाँट करै मतवाला माल उडावे पोपट जी 
राणी भरै पैंडे रो पाणी रांड करै है गपका जी 
हंसी  मसखरी करै विदुषा मारग दिवला चासे कुण  
 

No comments:

Post a Comment